दुर्ग\भिलाई: जिले के
हथखोज
इलाके में शुक्रवार सुबह पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में
15 से ज्यादा टीआई
और दर्जनभर से अधिक गाड़ियों का उपयोग किया गया। करीब
200 घरों
की तलाशी के दौरान
21 संदिग्ध लोगों
को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
संदिग्ध लोगों की पहचान पर फोकस
एएसपी सुखनंदन राठौर
ने जानकारी दी कि जो लोग जिले या राज्य के बाहर से आते हैं, उन्हें पुलिस को सूचना देकर
मुसाफिरी दर्ज
करनी होती है।
तलाशी के दौरान कुछ ऐसे संदिग्ध लोग मिले, जिन्होंने अपनी पहचान या दस्तावेज नहीं दिए थे।
ऐसे सभी लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है।
200 घरों की तलाशी, जांच जारी
पुलिस ने हथखोज के करीब
200 घरों
में सघन जांच की।
अवैध बांग्लादेशी रोहिंग्या
मुसलमानों की पहचान और सत्यापन को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, जिनके पास उचित दस्तावेज नहीं हैं, उनके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई होगी।
पृष्ठभूमि: अवैध बसावट के आरोप
पिछली कांग्रेस सरकार
के शासनकाल में हथखोज में अवैध रूप से बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने के आरोप लगे थे।
इन लोगों पर अपनी पहचान छुपाकर रहने और स्थानीय नियमों का उल्लंघन करने का शक है।
संगठित भिक्षावृत्ति और अपराधों की जांच
पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ संगठित भिक्षावृत्ति गिरोह और अन्य अपराधों की जांच भी शुरू की है।
क्राइम रिकॉर्ड
और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि यह अभियान अवैध गतिविधियों और बाहरी लोगों की संदिग्ध मौजूदगी को खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
एएसपी राठौर
के अनुसार, सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा, और जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।