नई दिल्ली:
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए
बजट 2025
को लेकर किसान नेता
राकेश टिकैत
ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता टिकैत ने कहा कि यह बजट
किसानों के हितों की अनदेखी
करने वाला है और सरकार ने एक बार फिर
किसानों को ठगने
का काम किया है।
टिकैत के बड़े आरोप – किसानों के लिए क्या नहीं किया सरकार ने?
राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा:
MSP पर कोई गारंटी नहीं:
सरकार ने अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की
कानूनी गारंटी
नहीं दी, जबकि किसान लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं।
कर्जमाफी का जिक्र तक नहीं:
किसानों का कर्ज लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बजट में
कर्जमाफी की कोई घोषणा नहीं हुई
।
डीजल-पेट्रोल पर राहत नहीं:
कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले
डीजल की कीमतों पर कोई सब्सिडी या टैक्स कटौती नहीं
की गई, जिससे खेती महंगी होती जा रही है।
कृषि बजट में कटौती:
सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए आवंटित बजट में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की, जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ेंगी।
पीएम किसान सम्मान निधि की रकम नहीं बढ़ाई:
किसान लंबे समय से इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को
दोगुना करने की मांग कर रहे थे
, लेकिन सरकार ने इसे जस का तस रखा।
‘ये सिर्फ कॉरपोरेट का बजट है’ – टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा कि
यह बजट सिर्फ कॉरपोरेट्स और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला है
। उन्होंने कहा,
“सरकार किसानों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके हक की बात आते ही चुप हो जाती है।”
किसानों का आगे का कदम?
टिकैत ने कहा कि
किसान संगठनों की एक आपात बैठक बुलाई जाएगी
, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने संकेत दिए कि
अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गईं, तो बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
सरकार का जवाब?
सरकार की ओर से अभी तक राकेश टिकैत के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, कृषि मंत्री ने बजट को
‘किसान हितैषी’
बताया है और कहा कि सरकार
नई तकनीक, डिजिटल एग्रीकल्चर और सस्टेनेबल फार्मिंग
को बढ़ावा दे रही है।