दिल्ली के 10 साल के बाल संत अभिनव अरोड़ा, जो अपनी आध्यात्मिक प्रवचनों के कारण प्रसिद्ध हो चुके हैं, उनकी कहानी पर अब सवाल उठने लगे हैं। अभिनव ने दावा किया था
कि उन्होंने मात्र तीन साल की उम्र में अपने आध्यात्मिक सफर की शुरुआत की, जिसमें उनका झुकाव हिंदू देवताओं, विशेष रूप से श्री राम और श्री कृष्ण की ओर रहा।उन्हें "बाल संत" का दर्जा दिया गया है और वे खुद को भौतिकवादी दुनिया से दूर बताते हैं,ज्यादातर समय प्रार्थना और भक्ति में बिताते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब एक मिलियन फॉलोवर्स हैं,जहां वे खुद को भारत का सबसे कम उम्र का आध्यात्मिक प्रवक्ता बताते हैं।अभिनव अरोड़ा को देश के बड़े समाचार चैनलों ने भी मंच प्रदान किया है,जहां उन्होंने अपनी धार्मिक रुचियों, दैनिक जीवन, और स्कूल के बारे में कई इंटरव्यू दिए हैं।उनके पिता, तरुण राज अरोड़ा, अक्सर यह कहते हैं कि उनके बेटे की भक्ति और प्रवचन की यात्रा स्वाभाविक है और यह किसी सिखावन का परिणाम नहीं है।
हालांकि, YouTuber अंकित, जो 'ओनली देसी' चैनल चलाते हैं, ने अभिनव के कई वीडियो क्लिप्स का संकलन किया है, जिसमें यह दिखाया गया है कि अलग-अलग इंटरव्यू में अभिनव एक ही सवाल का बार-बार वही जवाब दे रहे हैं,
वही शब्द, वही अंदाज और यहां तक कि वही उच्चारण।अंकित का दावा है कि यह सब इस बात का सबूत है कि अभिनव को उनके पिता द्वारा सिखाया गया हैकि क्या कहना है। उन्होंने यह भी वीडियो साझा किए हैं, जहां अभिनव सवालों का जवाब देने में उलझते नजर आ रहे हैं,खासकर उन सवालों पर जिनके जवाब उन्हें पहले से नहीं बताए गए थे।इसके अलावा, अंकित ने पुराने वीडियो भी निकाले हैं, जिसमें अभिनव सामान्य भाषा में बात करते हुए नजर आ रहे हैं,जो उनके मौजूदा औपचारिक हिंदी से काफी अलग है। ये वीडियो उस समय के हैं जब अभिनव के पिता तरुण राज अरोड़ा ने एक आइसक्रीम व्यवसाय शुरू किया थाऔर अपने बेटे को प्रमोशनल कंटेंट में इस्तेमाल किया था। यह उनके उस दावे को चुनौती देता है कि अभिनव ने तीन साल की उम्र से आध्यात्मिकता की राह पर चलना शुरू किया था।
इन पुराने वीडियो में अभिनव को स्मार्टफोन का उपयोग करते और टी-शर्ट पहने हुए देखा जा सकता है, जबकि हाल के वर्षों में उन्हें केवल पारंपरिक भारतीय कुर्तों में ही देखा गया है। अभिनव ने यह भी दावा किया है कि वे फोन का इस्तेमाल नहीं करते, जबकि उनका सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय अकाउंट है।
YouTuber अंकित ने यह सवाल भी उठाया कि अगर अभिनव इतनी आध्यात्मिकता और गैर-भौतिकवादी शिक्षाओं के समर्थक हैं, तो वे ब्रांड्स के साथ सोशल मीडिया कंटेंट के लिए क्यों काम कर रहे हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभिनव के पिता तरुण राज अरोड़ा पर उनके आइसक्रीम व्यवसाय 'फालूदा एक्सप्रेस' से संबंधित मुकदमे भी चल रहे हैं।इस पूरी स्थिति ने सोशल मीडिया और आम जनता में बहस छेड़ दी है कि क्या वास्तव में अभिनव की आध्यात्मिकता स्वाभाविक है या फिर उनके पिता द्वारा सिखाई गई कहानी का हिस्सा।