: छत्तीसगढ़ के मेकाहारा अस्पताल में बिना विच्छेदन के पोस्टमार्टम की सुविधा जल्द होगी उपलब्ध
Admin Sat, Nov 23, 2024
मृत्यु के बाद व्यक्ति के शव का पोस्टमार्टम किया जाता है, खासकर जब मौत संदिग्ध हो। पोस्टमार्टम प्रक्रिया में मृतक के शरीर का विच्छेदन किया जाता है, जो कई परिजनों के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। इसी समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में बड़ी तैयारी की जा रही है।
नई मशीन से पोस्टमार्टम प्रक्रिया होगी आसान
पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने पुष्टि की हैकि अब मेकाहारा अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए विच्छेदन की आवश्यकता नहीं होगी।स्वास्थ्य विभाग इसके लिए एक विशेष मशीन खरीदने जा रहा है।इस अत्याधुनिक मशीन की मदद से पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्दी तैयार हो सकेगी।इससे न केवल शव को काटने की प्रक्रिया से छुटकारा मिलेगा,बल्कि रिपोर्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।हालांकि, इस मशीन के आने में अभी कुछ समय लगेगा।विच्छेदन प्रक्रिया और उसकी वर्तमान स्थिति
पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर को काटकर उसके आंतरिक अंगों को निकाला जाता है,जैसे हृदय, यकृत, गुर्दे आदि। फिर डॉक्टरों की टीम इन अंगों की जांच कर मृत्यु का कारण पता लगाती है।जांच के बाद अंगों को वापस शरीर में रखकर सिलाई की जाती है।लेकिन अब इस नई तकनीक से यह पूरी प्रक्रिया बदल जाएगी।पोस्टमार्टम सिमुलेटर से मिलेगी राहत
डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि इस नई मशीन का नाम "पोस्टमार्टम सिमुलेटर" हैऔर इसकी कीमत करीब 7 से 8 करोड़ रुपये है।मशीन को लाने के लिए कंपनियों से जानकारी मांगी गई है।संबंधित कंपनियां आकर मशीन का प्रेजेंटेशन देंगी,जिसके बाद बजट तैयार कर इसे खरीदा जाएगा।यह मशीन आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में समय की बचत होगी और कार्य को सरल बनाया जा सकेगा।समय की बचत और तकनीकी लाभ
डॉ. चौधरी का कहना है कि मशीन के प्रदर्शन को देखने के बाद ही इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।हालांकि, उनका मानना हैकि इस तकनीक से पोस्टमार्टम का समय लगभग आधा हो जाएगा।जहां अभी पोस्टमार्टम में करीब एक से डेढ़ घंटे लगते हैं,वहीं इस मशीन की मदद से रिपोर्ट तुरंत तैयार हो सकेगी।यह मशीन फिलहाल भारत के एक-दो स्थानों पर ही उपलब्ध है।इसके उपयोग और प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी संबंधित कंपनियों के साथ चर्चा के बाद ही मिल सकेगी।स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति
मेकाहारा अस्पताल में यह तकनीक आने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।यह कदम न केवल पोस्टमार्टम प्रक्रिया को तेज और सरल बनाएगा,बल्कि परिजनों की भावनाओं का भी सम्मान करेगा।उम्मीद की जा रही हैकि यह तकनीक जल्द ही लागू होगी और इससे राज्य के अन्य अस्पतालों के लिए भी प्रेरणा मिलेगी।यह कदम छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।विज्ञापन