: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुयाना दौरा: भारत-गुयाना रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत

Admin Tue, Nov 19, 2024

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुयाना की यात्रा पर जा रहे हैं। यह दौरा ऐतिहासिक है, क्योंकि 56 वर्षों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना का दौरा कर रहे हैं। भारत के गुयाना में उच्चायुक्त अमित एस तेलंग ने इस दौरे को भारतीय और गुयाना के बीच ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने कहा, "यह दौरा हमारी गहरी दोस्ती, आपसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।"

कृषि से लेकर शिक्षा तक सहयोग के नए आयामभारत और गुयाना ने कृषि, फार्मास्युटिकल्स,तेल और गैस,नवीकरणीय ऊर्जा,सूचना और संचार प्रौद्योगिकी,और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।तेलंग ने बतायाकि भारत और गुयाना के संबंध न केवल राजनीतिक बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी बेहद मजबूत हैं।गुयाना की 40 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है,जो इन संबंधों को और भी विशेष बनाती है।गुयाना में भारतीय समुदाय की भूमिकागुयाना में भारतीय समुदाय काफी सक्रिय है,जिसमें छात्र, पेशेवर और व्यापारी शामिल हैं।इस दौरे को लेकर वहां उत्साह का माहौल है।तेलंग ने कहा,"प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से भारत-गुयाना साझेदारी को नई गति मिलेगी।"CARICOM देशों के साथ भारत का जुड़ावगुयाना, CARICOM (कैरिबियन कम्युनिटी और कॉमन मार्केट) का हिस्सा है।प्रधानमंत्री मोदी की "ग्लोबल साउथ की आवाज़" पहल के तहत भारत ने इन देशों के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित किए हैं।G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने कई CARICOM देशों के नेताओं को आमंत्रित किया,जिससे इन देशों के साथ भारत के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।शिक्षा और तकनीकी सहयोग में बढ़ावाभारत और गुयाना के बीच विकासात्मक सहयोग भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के माध्यम से होता है।इसके तहत हर साल गुयाना के छात्रों को विभिन्न कोर्सों के लिए 50 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं।इसके अलावा, ICCR की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत गुयाना के छात्रों को स्नातक, परास्नातक, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए मौके दिए जाते हैं।अब तक 600 से अधिक भारतीय विद्वानों ने ITEC कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण लिया है।आर्थिक और व्यापारिक साझेदारीभारत ने गुयाना को कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए क्रेडिट सुविधाएं प्रदान की हैं।भारतीय कंपनियों ने जैव-ईंधन, ऊर्जा, खनिज और फार्मास्युटिकल्स जैसे क्षेत्रों में निवेश में रुचि दिखाई है।हालांकि, वर्तमान में व्यापार का स्तर कम है, लेकिन यह लगातार सकारात्मक रुख दिखा रहा है।प्रधानमंत्री का दौरा: नई संभावनाओं की शुरुआत

यह दौरा भारत-गुयाना संबंधों को और मजबूती देने और क्षेत्रीय साझेदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाएगा, बल्कि भारत की वैश्विक उपस्थिति को भी और सशक्त करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा गुयाना के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित करने और सहयोग के नए रास्ते खोलने में मील का पत्थर साबित होगी।

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