: नाबालिग बेटी को मिली पिता को लिवर दान करने की अनुमति:
Admin Fri, Jun 28, 2024
इंदौर की रहने वाली नाबालिग प्रीति को अपने पिता शिवनारायण बाथम को लिवर दान करने की अनुमति मिल गई है।
हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने गुरुवार सुबह 10.30 बजे यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। डॉक्टर अब जल्द ही सर्जरी करने के लिए तैयार हैं।
सरकारी सहमति और ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया
मंगलवार शाम सरकारी स्तर पर सहमति मिलने के बाद ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया एक निजी हॉस्पिटल में शुरू की गई थी।
शिवनारायण बाथम का लिवर फेल हो चुका है और उनकी स्थिति गंभीर थी।
डोनर न मिलने पर प्रीति ने अपने पिता को लिवर देने की इच्छा जताई थी।
हालांकि उसकी उम्र 18 साल से दो महीने कम होने के कारण कानूनी अड़चनें आ गई थीं।
प्रीति ने 13 जून को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐतिहासिक संबोधन:कोर्ट का निर्णय
प्रीति के वकील नीलेश महोरे ने बताया कि ग्वालियर बेंच के जज विशाल मिश्रा ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान यह निर्णय लिया।
कोर्ट ने 20 और 24 जून के ऑर्डर और रिपोर्ट्स के आधार पर लिवर ट्रांसप्लांट की अनुमति दी है।
एमवाय हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन और भोपाल कमिश्नर की रिपोर्ट्स को फैसले का आधार बनाया गया।
सर्जरी की तैयारियां
डॉ. अमित बरफा ने बताया कि लिवर ट्रांसप्लांट की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
कोर्ट का लिखित ऑर्डर मिलने के बाद ट्रांसप्लांट शुरू कर दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया में 10 से 12 घंटे का समय लग सकता है। शिवनारायण को पहले से ही प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया है |
और प्रीति भी मेडिकल चेकअप में फिट पाई गई है।
हाईकोर्ट का सकारात्मक हस्तक्षेप
लिवर ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया होती है और समय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर ट्रांसप्लांट न होने पर सफलता की संभावना कम हो जाती है।
इस कारण नाबालिग बेटी को अपने पिता को बचाने के लिए हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी।
लिवर की महत्वपूर्ण भूमिका
जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन के अनुसार लिवर हमारे शरीर में 500 से ज्यादा कार्य करता है।
यह शरीर के केमिकल लेवल को नियंत्रित करता है, पित्त बनाता है जो फैट को पचाने में मदद करता है |
और ब्लड को फिल्टर करता है ,यह पोषक तत्वों को अवशोषित करता है |
और आवश्यक पोषक तत्वों को शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुंचाता है।
लिवर की सेहत की रक्षा
हमारी दिनचर्या और खानपान अक्सर लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, लिवर में खुद को पुनर्जीवित करने की क्षमता होती है। यह 90% तक डैमेज होने के बाद भी अपने मूल स्वरूप में लौट सकता है और सही परिस्थितियों में 3 से 4 सप्ताह में खुद को रीजेनरेट कर सकता है।
विज्ञापन