: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातन बोर्ड का किया गठन
Admin Mon, Jan 13, 2025
महाकुंभ मेला 2025 के अवसर पर द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातन धर्म और संस्कृति को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से "सनातन बोर्ड" की स्थापना की है। इस बोर्ड का उद्देश्य न केवल धार्मिक मूल्यों की रक्षा करना है, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करना भी है।
पदाधिकारी और उनकी भूमिकाएं
अध्यक्ष:
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और धर्म, शिक्षा, और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
उपाध्यक्ष:
उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. विद्यानंद तिवारी को नामित किया गया है, जो धार्मिक ग्रंथों के प्रचार-प्रसार का कार्य देखेंगे।
महासचिव:
आचार्य प्रह्लाद मिश्रा, जिन्हें सनातन धर्म की रीतियों और परंपराओं को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
कोषाध्यक्ष:
साध्वी सुमंगला देवी, जो बोर्ड के वित्तीय प्रबंधन और धर्मार्थ कार्यों के लिए धन संग्रह का कार्य करेंगी।
संयोजक मंडल:
एक विशेष टीम बनाई गई है जिसमें योग गुरु और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।
सनातन बोर्ड के कार्य और उद्देश्य
धार्मिक जागरूकता:
सनातन धर्म की परंपराओं, ग्रंथों और सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करना।
शिक्षा और शोध:
धार्मिक शिक्षा और वेदों के अध्ययन के लिए विशेष संस्थानों की स्थापना।
सामाजिक कार्य:
जरूरतमंदों को भोजन, शिक्षा और चिकित्सा सहायता प्रदान करना।
संस्कृति संरक्षण:
प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा और पुनरुद्धार।
युवा सहभागिता:
युवाओं को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम।
महाकुंभ 2025 में भूमिका
महाकुंभ मेले में सनातन बोर्ड का एक विशेष शिविर स्थापित किया जाएगा, जहां लोग सनातन धर्म और इसके मूल्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। बोर्ड महाकुंभ के दौरान आध्यात्मिक प्रवचनों, धार्मिक अनुष्ठानों और सेवा कार्यों का आयोजन करेगा।विज्ञापन